उज्जैन, 18 सितम्बर।
मध्य प्रदेश के पावन शहर उज्जैन में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत रामघाट के तट पर गुरुवार की रात एक अनूठा सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में उज्जैन की समृद्ध धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती महाकाल की विशेष प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मशहूर वक्ता शैलेश लोढ़ा ने अपनी कथा के माध्यम से उज्जैन के गौरवशाली इतिहास और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उनके वचनों के बाद भवानी शास्त्री के निर्देशन में गूंजे मधुर भजनों ने पूरे रामघाट के माहौल को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया।

इसी दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को समेटे एक नई पुस्तक ‘इतिहास के पृष्ठों से’ का लोकार्पण किया गया। यह पुस्तक मंदिर की पुरानी गाथाओं को पाठकों के सामने लाने का एक सुंदर प्रयास है।
‘आशीर्वाद का दीया’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में आतिशबाजी, शानदार लाइट शो और फायर शो ने चार चांद लगा दिए। रंग-बिरंगे प्रकाश और दीपों की जगमगाहट से उज्जैन की नगरी रोशनी में नहा उठी और हर तरफ उत्सव का माहौल नजर आया।
सेवा संकल्प अभियान के इस आयोजन में हजारों स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिप्रा नदी के तट और महाकाल लोक में एक साथ लाखों दीप जलाकर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस का जश्न मनाया गया, जिसने शहर की आध्यात्मिक खूबसूरती को और अधिक बढ़ा दिया।
















