उज्जैन, 21 सितंबर।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के पावन अवसर पर बाबा महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही गर्भगृह में विधि-विधान से सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके उपरांत, भगवान महाकाल का जल और दूध, दही, घी, शहद व फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल की गूंज के साथ शुरू हुई इस आरती में मंत्रोच्चार के बीच भगवान को हरिओम जल अर्पित किया गया और त्रिपुंड व चंदन से उनका दिव्य श्रृंगार किया गया।
श्रृंगार के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पवित्र भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाला, रुद्राक्ष की माला और मोगरे-गुलाब के सुगंधित पुष्पों से सजाया गया, तथा भोग अर्पित किया गया। निराकार से साकार रूप में हुए इस राजाधिराज स्वरूप के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर 'जय महाकाल' के जयकारों से गूंज उठा और भक्तों ने नंदी हॉल में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
















