पन्ना, 17 सितंबर।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित एनएमडीसी की मझगवां डायमंड माइनिंग परियोजना से एक बेहद चौंकाने वाली और बहुमूल्य खबर सामने आई है। बुधवार को यहां खनन कार्य के दौरान एक शानदार किस्म का 27.29 कैरेट का प्राकृतिक जेम क्वालिटी हीरा बरामद किया गया है। हीरा कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार इस बेशकीमती रत्न की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
गौरतलब है कि मार्च 2024 में इस खदान में दोबारा खनन का काम शुरू होने के बाद से यह अब तक का सबसे बड़ा जेम क्वालिटी हीरा मिला है, जिसने इससे पहले के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इससे महज दो महीने पहले यानी जुलाई के महीने में इसी खदान से 13.16 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला था, जो उस वक्त इस अवधि का सबसे बड़ा हीरा माना गया था। इसके अतिरिक्त, इस साल की शुरुआत में 10.04 कैरेट का हीरा भी हाथ लगा था, लेकिन अब 27.29 कैरेट के इस नए नगीने ने उन दोनों ही रिकॉर्डों को पीछे छोड़ दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि इस हीरे की शुरुआती अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन इसकी असली और सटीक कीमत आगामी खुली नीलामी के दौरान ही तय हो पाएगी। कीमत का यह आंकड़ा पूरी तरह से रत्न की गुणवत्ता, उसकी कटिंग और पॉलिशिंग की संभावनाओं के साथ-साथ बाजार की तत्कालीन मांग पर निर्भर करेगा।
आपको बता दें कि मझगवां स्थित यह परियोजना एशिया महाद्वीप की इकलौती पूरी तरह से यंत्रीकृत (मैकेनाइज्ड) हीरा खदान के रूप में पहचानी जाती है, जहां आधुनिक मशीनों के माध्यम से किम्बरलाइट अयस्क की प्रोसेसिंग कर प्राकृतिक हीरे निकाले जाते हैं। एनएमडीसी के अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी खूबी वाला यह नया हीरा यहां इस्तेमाल हो रही उन्नत तकनीक और कार्यकुशलता का ही परिणाम है। इस खदान में संगठित रूप से हीरों का उत्पादन साल 1967 में आरंभ हुआ था, जबकि साल 1971-72 से यहां बड़े पैमाने पर व्यवस्थित खनन का कार्य चल रहा है।
















