इंदौर, 17 सितंबर।
मध्य प्रदेश के व्यावसायिक शहर इंदौर में एक प्रतिष्ठित और पुराने मिठाई-नमकीन ब्रांड ‘जेबीएम ग्रुप’ के तीन प्रमुख ठिकानों पर बुधवार को सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीमों ने एक साथ दबिश दी। इस औचक कार्रवाई से व्यापारिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
विभाग को इस बात के पुख्ता इनपुट मिले थे कि समूह के संस्थानों में बिना कर चुकाए (बिना बिल के) सूखे मेवों (ड्रायफ्रूट्स) की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त की जा रही है। इन गडबड़ियों और टैक्स चोरी की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों के अलग-अलग दलों ने एक साथ तीनों आउटलेट्स पर मोर्चा संभाल लिया। जांच के दौरान एहतियात के तौर पर दुकानों के शटर नीचे गिराकर बंद रखे गए, ताकि दस्तावेजों के मिलान में कोई बाधा न आए। अधिकारी मौके पर मौजूद स्टॉक, खरीद-बिक्री के रजिस्टरों, बिलों और कंप्यूटर में सेव व्यावसायिक डेटा की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रहे हैं।
केंद्रीय जीएसटी की यह टीम कलेक्टोरेट के पास स्थित प्रतिष्ठान के अलावा स्कीम नंबर 104 और रेसकोर्स रोड स्थित आउटलेट पर एक ही समय पर पहुंची थी। सूत्रों के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य केंद्र मिठाई निर्माण में इस्तेमाल होने वाले ड्रायफ्रूट्स की बिना बिल के हो रही खरीद और उसके जरिए की जा रही कर चोरी की तह तक जाना है।
फिलहाल विभाग की यह छानबीन जारी है। दस्तावेजों और स्टॉक का भौतिक सत्यापन पूरा होने तथा आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही टैक्स चोरी या किसी अन्य वित्तीय अनियमितता के असली आंकड़ों की पुष्टि हो सकेगी।
















