मुंबई, 18 सितंबर।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर रहा। इससे पिछले सप्ताह यानी 4 सितंबर को भंडार रिकॉर्ड 785.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। उस सप्ताह इसमें 44.90 अरब डॉलर की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई थी।
विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) की है। 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में एफसीए का स्तर 648.17 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान इसमें 47.498 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। मार्च के अंत की तुलना में एफसीए 95.886 अरब डॉलर और एक वर्ष पहले के मुकाबले 63.692 अरब डॉलर अधिक रहा।
4 सितंबर तक भारत का स्वर्ण भंडार 113.816 अरब डॉलर दर्ज किया गया। सप्ताह के दौरान इसमें उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन एक साल पहले की तुलना में इसमें 23.517 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। हालांकि मार्च के अंत के मुकाबले स्वर्ण भंडार 1.580 अरब डॉलर कम रहा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ भारत की स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर) होल्डिंग 18.806 अरब डॉलर रही। यह मार्च के अंत से 184 मिलियन डॉलर और एक वर्ष पहले की तुलना में 64 मिलियन डॉलर अधिक है। वहीं आईएमएफ के साथ भारत की रिजर्व पोजीशन 4.916 अरब डॉलर रही, जो मार्च के अंत से 108 मिलियन डॉलर और पिछले वर्ष की समान अवधि से 168 मिलियन डॉलर अधिक है।
कुल मिलाकर 4 सितंबर तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च के अंत की तुलना में 94.599 अरब डॉलर और एक वर्ष पहले की समान अवधि के मुकाबले 87.438 अरब डॉलर बढ़ चुका था। विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत स्तर बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने में मदद करता है और वैश्विक तथा विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान देश की वित्तीय स्थिति को मजबूती देता है।
















