नई दिल्ली, 18 सितंबर।
केंद्र सरकार ने भारतीय पासपोर्ट के नियमों और शुल्कों में बड़ा बदलाव करते हुए नए संशोधन लागू कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मिलने वाले साधारण पासपोर्ट की वैधता पांच साल या बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक—इनमें से जो भी पहले हो—सीमित कर दी गई है। यह संशोधन पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
नए नियमों के दायरे में आवेदन शुल्क से जुड़े प्रावधानों को भी अपडेट किया गया है। मंत्रालय ने बीते 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के शुल्कों में संशोधन किया था, जिसके तहत नए आवेदन, रिन्यूअल, तत्काल कोटे की सेवाएं, और खोए हुए दस्तावेजों के एवज में बनने वाले पासपोर्ट के दाम बढ़ चुके हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 फीसदी की विशेष छूट मिलती रहेगी, हालांकि यह रियायत पासपोर्ट पुनः जारी कराने के मामलों में लागू नहीं होगी।
वयस्कों के लिए शुल्क ढांचे की बात करें तो 36 पन्नों के सामान्य पासपोर्ट या रिन्यूअल की कीमत 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है, जबकि 60 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 2,000 रुपये की जगह 3,500 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह, तत्काल कोटे के तहत 36 पेज के वयस्क पासपोर्ट का शुल्क 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये और 60 पेज वाले का शुल्क 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा, तत्काल श्रेणी में 60 पन्नों के रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए अब 5,500 रुपये के बजाय 8,500 रुपये लगेंगे।
नाबालिगों के लिए भी पासपोर्ट सेवाएं महंगी हो गई हैं। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के वास्ते 36 पन्नों के नए या री-इश्यू (सामान्य) पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दी गई है। वहीं, तत्काल श्रेणी के अंतर्गत नाबालिगों के 36 पन्नों वाले पासपोर्ट का शुल्क 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,250 रुपये कर दिया गया है। इन तमाम बदलावों का उद्देश्य देश में पासपोर्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
















