भोपाल, 19 सितंबर।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पश्चिम मध्य प्रदेश में अब तक 74 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक बिजली मिल रही है, जो मध्यमवर्गीय परिवार की जरूरतों के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार मालवा-निमाड़ क्षेत्र में योजना के तहत अब तक करीब 505 करोड़ रुपये की सब्सिडी उपभोक्ताओं के बैंक खातों में जमा की जा चुकी है। यह राशि केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से दी गई है और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर सौर ऊर्जा से जुड़े प्रकरणों को तेजी से मंजूरी दी जा रही है। इसके चलते मालवा-निमाड़ में योजना लागू होने के बाद रूफटॉप सोलर संयंत्रों की संख्या पांच गुना से अधिक हो गई है। क्षेत्र में सौर ऊर्जा अपनाने वाले परिसरों की कुल संख्या 91 हजार से ज्यादा हो चुकी है, जबकि उत्पादन क्षमता 525 मेगावाट से अधिक है। इनमें 74 हजार से ज्यादा उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से जुड़े हैं।
मालवा-निमाड़ में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वाले परिसरों की संख्या जल्द ही एक लाख तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। योजना के तहत इंदौर शहर में सबसे अधिक 29 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। पूरे इंदौर जिले में योजना के लाभार्थियों की संख्या 33 हजार हो चुकी है। सभी सौर ऊर्जा योजनाओं को मिलाकर जिले में 41 हजार परिसरों में सौर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जो प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में अधिक है।
योजना में घर पर सोलर पैनल लगाने के लिए एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दूसरे किलोवाट पर भी 30 हजार रुपये और तीसरे किलोवाट पर 18 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इस तरह तीन किलोवाट का सोलर संयंत्र लगाने पर उपभोक्ता को अधिकतम 78 हजार रुपये की राशि केंद्र सरकार से सीधे डीबीटी के माध्यम से प्राप्त होती है।
कंपनी स्तर पर सौर ऊर्जा के मामले में इंदौर के बाद उज्जैन जिले में 8,400 परिसरों में सौर संयंत्र लगे हैं। रतलाम 7,800 परिसरों के साथ तीसरे, मंदसौर 5,500 परिसरों के साथ चौथे और देवास 5,000 परिसरों के साथ पांचवें स्थान पर है।
सब्सिडी और मंजूरी के लिए विशेष प्रकोष्ठ
सौर ऊर्जा से जुड़े प्रकरणों को जल्द मंजूरी देने और उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी दिलाने के लिए कंपनी स्तर पर विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है। इसमें अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं। प्रत्येक जिले में अधीक्षण यंत्री प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना सहित सौर ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करते हैं।
















