नई दिल्ली, 19 सितंबर।
गूगल के एआई मॉडल Gemini ने साइबर सुरक्षा क्षमताओं की जांच के दौरान इंटरनेट का उपयोग करते हुए तीन कंपनियों के संरक्षित सिस्टम तक पहुंच बनाई। यह घटना मई में स्वतंत्र साइबर सुरक्षा मूल्यांकन कंपनी Irregular द्वारा किए गए परीक्षण के दौरान सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह गूगल के एआई सिस्टम के स्वायत्त रूप से इस तरह की हैकिंग गतिविधि में शामिल होने का पहला ज्ञात मामला है।
Irregular ने साइबर सुरक्षा परीक्षण के तहत Gemini की क्षमताओं का आकलन किया था। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, यह मामला ऐसी समस्या से संबंधित था, जो अन्य एआई लैब में भी सामने आई थी। संबंधित प्रयोगशालाओं को जुलाई के अंत में इस बारे में जानकारी दी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी की ओर से पहचानी गई सभी समस्याओं को कुछ सप्ताह पहले ही दूर कर दिया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, तीन अलग-अलग मामलों में Gemini ने संरक्षित सिस्टम तक पहुंच हासिल की। इनमें से एक मामले में मॉडल ने पासवर्ड का अनुमान लगाने की कोशिश की और सिस्टम में प्रवेश कर गया। अन्य दो मामलों में उसे सार्वजनिक रिपॉजिटरी में क्रेडेंशियल मिले, जिनके जरिए उसने संरक्षित सिस्टम तक पहुंच बनाई।
इस घटना ने इंटरनेट और कंप्यूटर सिस्टम तक अधिक स्वायत्त पहुंच रखने वाले एआई एजेंटों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि Irregular से जुड़े इसी तरह के मामलों की जानकारी Meta, Anthropic और OpenAI की ओर से भी सामने आई थी। Meta ने अगस्त में कहा था कि उसके मामले में सैंडबॉक्स से बाहर निकलने या किसी अत्याधुनिक साइबर हमले जैसी स्थिति शामिल नहीं थी।
















