19 सितंबर, उज्जैन ।
उज्जैन में चल रही तीन दिवसीय युवा धर्म संसद के दौरान प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. हेडगेवार की भविष्यवाणी आज सच साबित हो रही है और देश का बड़ा हिस्सा सांस्कृतिक रंग में रंग चुका है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने शास्त्रों जैसे रामायण और श्रीमद्भगवद्गीता से जुड़कर अपने जीवन को सही दिशा दें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद के विचारों का हवाला देते हुए संस्कृति को बचाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति श्रीनिवास बरखेड़ी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आधुनिकता की दौड़ से हटकर युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को केवल आदेश देने के बजाय यह समझाना जरूरी है कि उन्हें कोई कार्य क्यों करना चाहिए। युवाओं में हर असंभव काम को मुमकिन बनाने की असीम क्षमता होती है।
सत्र को आगे बढ़ाते हुए अनादि फाउंडेशन की स्मृति अनंतलक्ष्मी ने आधुनिक तकनीक और एआई के खतरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली में भारतीय विज्ञानियों के योगदान को कम जगह दी जाती है, जिसे सुधारे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने भारतीय पंचांग की वैज्ञानिकता की सराहना करते हुए कहा कि इसमें हर एक तिथि का सूक्ष्म विश्लेषण मौजूद होता है।
















