सारनी, 19 सितंबर।
मध्य प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में निर्माणाधीन 660 मेगावाट की नई सुपरक्रिटिकल विद्युत इकाई के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह ने शनिवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।
प्रमुख सचिव ने निर्माणाधीन इकाई के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और अभियंताओं से मौजूदा कार्य, निर्धारित समयसीमा तथा आगामी चरणों की जानकारी ली। उन्होंने बॉयलर-टरबाइन-जनरेटर (बीटीजी) क्षेत्र में चल रहे कार्यों का भी जायजा लिया। अभियंताओं ने परियोजना के अलग-अलग पैकेज में अब तक हुई प्रगति, तय टाइमलाइन और आगे की कार्ययोजना से उन्हें अवगत कराया।
मनीष सिंह ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाए जाएं। उन्होंने समय पर काम पूरा करने के साथ तकनीकी गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर विशेष ध्यान देने को कहा। परियोजना से जुड़े विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि संभावित तकनीकी और क्रियान्वयन संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका समाधान किया जाए, ताकि परियोजना के अगले चरण प्रभावित न हों।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की मौजूदा परिचालन स्थिति और बिजली उत्पादन की जानकारी भी ली। उन्होंने मुख्य अभियंता सुशील कुमार लिल्हारे के साथ संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान वरिष्ठ अभियंता और बीएचईएल के प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद रहे।
660 मेगावाट की यह सुपरक्रिटिकल इकाई प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण से प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
















