इंदौर, 22 सितंबर।
इंदौर में महिला पार्षद संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद के बाद मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को सफाई देते हुए खेद जताया। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं और उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में पार्षद को लेकर कोई गलत भावना नहीं थी। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि उनके बयान को कांग्रेस नेताओं ने अलग तरीके से पेश किया।
विवाद इंदौर में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान के बाद शुरू हुआ। कार्यक्रम में वार्ड में हुए और प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही थी। इस दौरान विजयवर्गीय ने भाजपा पार्षद संध्या यादव के कामकाज की तारीफ करते हुए उन्हें सक्रिय बताया। उन्होंने कहा कि संध्या अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर लगातार काम करती हैं और लोगों के बीच सक्रिय रहती हैं।
इसी दौरान विजयवर्गीय ने संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि संध्या दीदी की चौड़ाई भी थोड़ी बढ़ गई है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच इस टिप्पणी पर हंसी सुनाई दी। बाद में कार्यक्रम का वीडियो सामने आने और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
विवाद बढ़ने पर मंगलवार को विजयवर्गीय ने वीडियो संदेश जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संध्या यादव उनके विधानसभा क्षेत्र की सक्रिय पार्षद हैं और उनके साथ पुराने पारिवारिक संबंध हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने संध्या को बचपन से देखा है और गोद में खिलाया है। उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद जताते हुए कहा कि उनकी बात को जिस तरह से सामने रखा गया, उससे उन्हें दुख हुआ।
वहीं, पार्षद संध्या यादव ने भी वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा संबंध है। संध्या ने बताया कि विजयवर्गीय ने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है और उनके परिवार से लंबे समय से परिचित हैं।
संध्या यादव ने बताया कि वह वार्ड क्रमांक छह की पार्षद हैं। उनके वार्ड में विकास कार्यों के भूमिपूजन और लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इसी कार्यक्रम में वार्ड के विकास कार्यों की जानकारी दी गई थी।
पार्षद के अनुसार, उनके पिता के मीसाबंदी रहने के समय से विजयवर्गीय का उनके परिवार से संपर्क रहा है। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से परिचय है और उनके बीच पारिवारिक संबंध भी रहे हैं। संध्या ने लोगों से वीडियो को लेकर सामने आ रही बातों को संदर्भ के साथ देखने की अपील की।
यह पूरा मामला इंदौर के वार्ड क्रमांक छह में विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में वार्ड में किए गए और प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया था। इस दौरान विजयवर्गीय ने संध्या यादव के कामकाज और सक्रियता की भी तारीफ की थी। बाद में उनकी शारीरिक बनावट को लेकर की गई टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
विजयवर्गीय की सफाई और संध्या यादव के बयान के बाद दोनों ने अपने वीडियो संदेशों में पुराने पारिवारिक संबंधों का उल्लेख किया है। मंत्री ने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया है, वहीं पार्षद ने उन्हें पिता तुल्य बताते हुए मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
















