उज्जैन, 22 सितंबर।
सेवा संकल्प अभियान के तहत विकसित भारत यात्रा की गतिविधियों में शामिल बिहार से उज्जैन आए 16 सदस्यीय सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स दल ने सोमवार को अपने भ्रमण के अंतिम दिन शहर के विकास कार्यों, ऐतिहासिक-सांस्कृतिक स्थलों और औद्योगिक गतिविधियों का जायजा लिया। विभिन्न स्थानों पर अधिकारियों ने दल को परियोजनाओं और व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी दी।
दल ने सबसे पहले त्रिवेणी घाट का भ्रमण किया। अधिकारियों ने सिंहस्थ-2028 के लिए विकसित किए जा रहे करीब 29 किलोमीटर लंबे घाट क्षेत्र की योजना और निर्माण कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान घाट विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सिंहस्थ के दौरान प्रस्तावित व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया गया।
इसके बाद इंफ्लूएंसर्स रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पहुंचे। यहां उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित दीपोत्सव के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि शिप्रा तट समेत शहर के अलग-अलग स्थानों पर 33 लाख से अधिक दीप जलाकर दीपोत्सव आयोजित किया गया था।
जंतर-मंतर में जाना प्राचीन खगोल विज्ञान
दल ने उज्जैन की वेधशाला जंतर-मंतर का भी भ्रमण किया। यहां शंकु यंत्र, सम्राट यंत्र, नाड़ीवलय यंत्र, तुरीय यंत्र, नक्षत्र यंत्र और विक्रमादित्य वैदिक घड़ी देखी। अधिकारियों ने यंत्रों की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि सूर्य की स्थिति और छाया के आधार पर समय तथा अन्य खगोलीय गणनाएं की जाती थीं।
इंफ्लूएंसर्स ने उज्जैन की प्राचीन वैज्ञानिक और खगोलीय परंपराओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद दल विक्रम उद्योगपुरी पहुंचा और वहां संचालित औद्योगिक गतिविधियों को समझा।
औद्योगिक विकास और पर्यावरण प्रबंधन की जानकारी
विक्रम उद्योगपुरी में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से प्रदेश और उद्योगपुरी में चल रही औद्योगिक गतिविधियों, निवेश की संभावनाओं तथा विकसित हो रहे औद्योगिक अधोसंरचना से संबंधित जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई।
दल ने उद्योगपुरी स्थित पंचामृत डेयरी का अवलोकन किया और डेयरी क्षेत्र की गतिविधियों तथा कार्यप्रणाली को जाना। इसके बाद कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। यहां औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट के उपचार और पर्यावरण प्रबंधन की प्रक्रिया समझाई गई।
इंफ्लूएंसर्स ने निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन हॉस्टल का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति और महिला कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी।
भ्रमण के अंतिम दिन दल ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, उज्जैन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन खगोल विज्ञान और आधुनिक औद्योगिक विकास से जुड़ी गतिविधियों को करीब से समझा।
















