भोपाल, 22 सितंबर।
मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन आने वाली सभी प्राथमिक कृषि साख समितियों का दो माह के भीतर निरीक्षण पूरा करें। उन्होंने कहा कि संबंधित बैंक को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी की है। अनुशासन, एकरूपता और नवाचार के जरिए बैंक की कार्यप्रणाली में सुधार किया जा सकता है और उसकी अलग पहचान बनाई जा सकती है।
मंत्री सारंग मंगलवार को भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सीईओ के पदों पर कई नए और युवा अधिकारी नियुक्त हुए हैं। प्रशिक्षण उनके लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों से पुराने अधिकारी-कर्मचारियों के अनुभव का लाभ लेने और उनके सम्मान को बनाए रखने की बात भी कही।
सारंग ने कहा कि जिला सहकारी बैंक के सीईओ अपने-अपने कलेक्टर के साथ लगातार संपर्क में रहें। इसके साथ ही जिले के अन्य अधिकारियों के साथ भी बेहतर समन्वय बनाकर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए अधीनस्थ पैक्स को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि सेवा नियमों में जल्द एकरूपता लाई जाएगी, जिसके बाद पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि अपेक्स बैंक में भी प्रमोशन की कार्रवाई जल्द होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सभी सीईओ से अलग-अलग चर्चा कर उनकी बात सुनी और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े विषयों पर जानकारी ली।
कार्यशाला में खरीफ और रबी के लिए अलग-अलग साख सीमा की व्यवस्था के स्थान पर पूरे वर्ष एक साख सीमा उपलब्ध कराने से संबंधित जानकारी दी गई। इसके साथ नए किसान क्रेडिट कार्ड की ऑनलाइन और तकनीकी प्रक्रिया के बारे में भी अधिकारियों को बताया गया।
प्रशिक्षण में जिला सहकारी बैंकों से अपेक्षाओं, विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कवच योजना तथा अन्य विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रश्न-उत्तर सत्र और फीडबैक सत्र भी आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक दीपक सिंह, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता, अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पी.एस. तिवारी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अरुणा दुबे, अरुण मिश्रा, उप महाप्रबंधक के.टी. सज्जन और अरविंद बौद्ध उपस्थित रहे।
















