अनूपपुर, 22 सितंबर।
मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने मंगलवार को अनूपपुर जिले में विभिन्न शासकीय विभागों, संस्थाओं, निगम-मंडलों और शासकीय उपक्रमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों की शिकायतों की जांच कर संबंधित विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
संघ का आरोप है कि कई विभागों में कर्मचारियों को उनके वास्तविक काम और लागू कौशल श्रेणी के अनुसार मिलने वाले न्यूनतम या देय वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है। वेतन समय पर नहीं मिलने, वेतन पर्ची उपलब्ध नहीं कराने, वेतन से अनधिकृत कटौती और वैधानिक बोनस सहित अन्य श्रम हितलाभ नहीं दिए जाने की शिकायतें भी ज्ञापन में दर्ज कराई गई हैं।
संघ ने कहा कि कई कर्मचारियों को दस्तावेजों में अकुशल श्रेणी का दर्शाया गया है, जबकि उनसे अर्धकुशल, कुशल या उच्च कुशल श्रेणी का कार्य कराया जा रहा है। कर्मचारियों के वास्तविक कार्य, जिम्मेदारियों और लागू कौशल श्रेणी का परीक्षण कर उसी आधार पर वेतन निर्धारित करने की मांग की गई है।
ईपीएफ-ईएसआईसी और नियुक्ति पत्र को लेकर भी शिकायत
ज्ञापन में कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआईसी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों का पारदर्शी तरीके से लाभ दिलाने की मांग की गई। संघ ने बताया कि कई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। जिन मामलों में नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, उनमें कार्य, श्रेणी और वेतन से जुड़ी जानकारी स्पष्ट नहीं होने की बात भी कही गई है।
संघ ने वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को बिना उचित कारण, सूचना या वैधानिक प्रक्रिया के सेवा से हटाए जाने की शिकायत भी उठाई। लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कराने, वेतन से की जा रही कटौतियों की जांच करने और अनधिकृत कटौती मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके साथ आउटसोर्स एजेंसियों की जवाबदेही तय करने तथा शासकीय विभागों में श्रम कानूनों के पालन की नियमित निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था बनाने की मांग रखी गई। संघ ने न्यूनतम या देय वेतन, वास्तविक कार्य के अनुसार श्रेणी निर्धारण, समय पर पूरा वेतन, वेतन पर्ची, वैधानिक बोनस, अनधिकृत कटौती की जांच, ईपीएफ-ईएसआईसी, नियुक्ति पत्र, लंबित वेतन और एजेंसियों की जवाबदेही सहित 12 प्रमुख मांगें ज्ञापन में शामिल की हैं।
संघ ने प्रशासन से संबंधित विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों से आवश्यक अभिलेख लेकर शिकायतों की निष्पक्ष जांच और सत्यापन कराने का आग्रह किया है। ज्ञापन में 9 अक्टूबर 2026 तक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई गई है। संघ ने कहा है कि तय समय तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर मामले को श्रम विभाग और शासन के समक्ष फिर से रखा जाएगा।
















