भोपाल, 22 सितंबर।
मध्य प्रदेश में बुधवार 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से श्रवण-बाधित दिव्यांगजनों के लिए लाइव सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर सेवा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रवण-बाधित लोगों को सहज संवाद की सुविधा उपलब्ध कराना है।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंगलवार को जारी संदेश में कहा कि सांकेतिक भाषा श्रवण-बाधित लोगों के लिए अपनी बात रखने और संवाद करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि सूचना, सेवाओं और अवसरों तक समान पहुंच उपलब्ध कराना समावेशी समाज के लिए जरूरी है। लाइव इंटरप्रेटर सेवा श्रवण-बाधित दिव्यांगजनों और आम नागरिकों के बीच संवाद की बाधाओं को कम करने में मदद करेगी।
विभाग के अनुसार इस सुविधा का उपयोग करने की प्रक्रिया आसान रखी गई है। उपयोगकर्ता विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद आवश्यक अनुमति देकर अपना नाम और भाषा दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद उपलब्ध इंटरप्रेटर से लाइव वीडियो के माध्यम से जुड़कर सांकेतिक भाषा में बातचीत की जा सकेगी। सेवा का उपयोग पूरा होने के बाद उपयोगकर्ता अपना फीडबैक भी दर्ज कर सकते हैं।
यह सुविधा साइनएबल लाइव के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। नागरिक साइनएबल डॉट लाइव वेबसाइट के जरिए भी लाइव सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर सेवा का उपयोग कर सकते हैं। किसी तरह की सहायता या शिकायत के लिए विभाग की ओर से मोबाइल नंबर 9654135797 जारी किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस का उद्देश्य सांकेतिक भाषाओं की उपयोगिता और महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके साथ ही बधिर और श्रवण-बाधित समुदाय के भाषायी अधिकारों को प्रोत्साहित करना भी इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य है।
विभाग ने नागरिकों से लाइव इंटरप्रेटर सेवा की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है। साथ ही दिव्यांगजन के अनुकूल, संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण में सहभागिता करने का आग्रह किया गया है।
















