श्रीनगर, 08 मई।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल के पास टीवीके नेता विजय को सरकार गठन से रोकने का कोई आधार नहीं है और उन्हें विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का अवसर मिलना चाहिए।
अब्दुल्ला ने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों को देखते हुए तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू करने का भी कोई औचित्य नहीं बनता, जिनमें यह स्पष्ट किया गया है कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए और फिर सदन में बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों पर विचार किया जाए तो राष्ट्रपति शासन लागू करने की स्थिति नहीं बनती। कई मामलों में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी को सरकार गठन का अवसर दिया जाना चाहिए और उसे विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए।
अब्दुल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी बिना पूर्ण बहुमत के सरकार बनी थी, जो केवल कुछ दिनों तक चली थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान राष्ट्रपति ने बहुमत का इंतजार किए बिना सरकार गठन के लिए आमंत्रण दिया था और बाद में बहुमत न होने पर सरकार ने इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कहा कि इसी प्रक्रिया के आधार पर तमिलनाडु में भी किसी प्रकार की रोक नहीं होनी चाहिए और विजय को सरकार बनाने का अवसर दिया जाना चाहिए, जिसके बाद उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए। यदि वे बहुमत साबित करते हैं तो सरकार बनी रहेगी, अन्यथा उन्हें इस्तीफा देना होगा।





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