तेहरान, 22 अप्रैल
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बुधवार को ईरान ने दो जहाजों को जब्त कर रणनीतिक जलमार्ग पर अपनी पकड़ और मजबूत कर दी। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों को अनिश्चितकाल के लिए रोकने की घोषणा की, हालांकि शांति वार्ता फिर से शुरू होने के कोई संकेत नहीं मिले।
ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने समुद्री नियमों के उल्लंघन के आरोप में दो जहाजों को रोका और उन्हें ईरानी तट की ओर ले जाया गया। युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहली बार है जब ईरान ने इस प्रकार जहाजों को जब्त किया है।
इससे पहले ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने तीन जहाजों पर गोलीबारी की जानकारी दी थी। वहीं ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के अनुरोध पर ईरान पर हमलों को अस्थायी रूप से रोका गया है, ताकि वार्ता आगे बढ़ सके, लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी जारी रखने की बात भी कही।
अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी जहाजों को रोकने और कब्जे में लेने की घटनाओं के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इस नाकेबंदी को युद्ध की कार्रवाई बताया है और चेतावनी दी है कि जब तक यह जारी रहेगी, तब तक वह जलमार्ग पर प्रतिबंध नहीं हटाएगा।
इस बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत की कोशिशें भी अनिश्चितता में फंस गई हैं। वार्ता स्थल पर तैयारियां की गई थीं, लेकिन ईरान की भागीदारी स्पष्ट नहीं हो सकी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी रवाना नहीं हुआ, जिससे स्थिति और उलझ गई।
ईरान ने ट्रंप के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन शुरुआती संकेतों में संदेह जताया गया है। ईरानी पक्ष ने अमेरिकी दबाव और नाकेबंदी समाप्त किए बिना बातचीत से इनकार किया है।
जलडमरूमध्य से होकर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है और लगातार हमलों व जब्ती की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट गहरा गया है। हालिया घटनाओं के बाद कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं फिलहाल कमजोर होती दिख रही हैं।








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