कानपुर, 11 मई।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में राहगीरों को लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट करने वाले दो अंतरजनपदीय शातिर लुटेरों को कलक्टरगंज पुलिस और सर्विलांस टीम ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों में डर पैदा करते थे और सुनसान स्थान पर ले जाकर जेब काटकर नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे। इनके पास से 30,150 रुपये नकद और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
एक घटना में विष्णुपुरी कॉलोनी निवासी कुलदीप शर्मा, जो एक समाचार पत्र में एजेंट हैं, 1 मई की सुबह घंटाघर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तीन युवकों ने उन्हें रोककर एक साथी को मूलगंज छोड़ने की बात कही। मानवता के आधार पर कुलदीप ने एक युवक को बाइक पर बैठा लिया, लेकिन रास्ते में शातिर ने उनकी जेब काटकर करीब एक लाख रुपये उड़ा लिए। घर पहुंचने पर पैसे गायब होने का पता चला, जिसके बाद मामला थाने में दर्ज कराया गया।
मामले की जांच के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित कीं। सहायक पुलिस उपायुक्त पूर्वी शिवा सिंह के अनुसार, जांच के दौरान करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी कोपरगंज रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर के पास एक और वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित कंजड़ उर्फ भंगी उर्फ रिषभ उर्फ रोहन निवासी कन्नौज और बृजेश निवासी कन्नौज के रूप में हुई है, जो वर्तमान में फर्रुखाबाद में रह रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये लोग राहगीरों को लिफ्ट देकर भरोसे में लेते थे और फिर सुनसान जगहों पर लूट की वारदात को अंजाम देते थे। डर और रौब जमाने के लिए ये पुलिस की वर्दी भी पहनते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहित पर कानपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, फतेहपुर और आगरा सहित कई जिलों में 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं बृजेश के खिलाफ लखनऊ, मैनपुरी, सीतापुर, कानपुर और कन्नौज समेत विभिन्न जिलों में 16 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।












