अमरावती, 06 मई।
आंध्र प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए 51 सरकारी चिकित्सकों को सेवा से हटा दिया है। ये सभी डॉक्टर बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए थे, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक के अधीन कार्यरत इन डॉक्टरों में 8 एसोसिएट प्रोफेसर, 41 असिस्टेंट प्रोफेसर और 2 ट्यूटर शामिल हैं। जानकारी के अनुसार कई चिकित्सक तीन से लेकर छह और सात वर्षों तक बिना सूचना दिए अनुपस्थित रहे, जिससे अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हुईं और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा।
कार्रवाई से पहले संबंधित डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर प्रदान किया गया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। यह निर्णय एपी सिविल सेवा (आचरण) नियम-1964 के प्रावधानों के तहत लिया गया है, जिसमें एक वर्ष से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।








.jpg)




