वाराणसी, 10 अप्रैल 2026।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के साथ त्वरित, सुगम और प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है, जिसके तहत सभी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक डोमेन पर ई-मेल आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जो उन्हें एक प्रामाणिक डिजिटल पहचान भी प्रदान करेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य संस्थान के भीतर विभिन्न हितधारकों के बीच निर्बाध और प्रभावी संवाद को मजबूत करना तथा आंतरिक संस्थागत सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ बनाना बताया गया है।
कंप्यूटर सेंटर के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय देश के उन चुनिंदा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल है, जहां सभी विद्यार्थियों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे संकाय, प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच संवाद अधिक प्रभावी होने के साथ-साथ उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत ई-मेल सेवाओं की तुलना में बेहतर सुरक्षा, उन्नत सुविधाएं और स्पैम से अधिक सुरक्षा प्राप्त होगी, तथा ई-मेल आईडी विद्यार्थियों के समर्थ पोर्टल में उपलब्ध विवरणों के आधार पर तैयार की जाएंगी, जबकि पूरी तकनीकी व्यवस्था की निगरानी कंप्यूटर सेंटर द्वारा की जाएगी और इसके लिए अतिरिक्त क्लाउड स्टोरेज एवं गूगल वर्कस्पेस लाइसेंस की व्यवस्था भी की गई है।
प्रो. राजेश कुमार के अनुसार अब सभी विद्यार्थियों को बीएचयू डोमेन bhu.ac.in पर ई-मेल अकाउंट प्रदान किए जाएंगे, जबकि पहले यह सुविधा केवल संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और पीएचडी शोधार्थियों को अनुरोध के आधार पर दी जाती थी, लेकिन अब लगभग अठारह हजार से बीस हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
इस पहल के माध्यम से आधिकारिक ई-मेल आईडी पर आधारित संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे संवाद अधिक सुरक्षित, प्रामाणिक और सुव्यवस्थित होगा, साथ ही स्नातक, परास्नातक, विज्ञान, कला और मानविकी जैसी श्रेणियों के अनुसार ई-मेल समूह बनाकर विषय-विशिष्ट संवाद भी संभव हो सकेगा।
यह व्यवस्था समय और दूरी की सीमाओं से परे चौबीसों घंटे संस्थागत संवाद सुनिश्चित करेगी, जिससे महत्वपूर्ण सूचनाओं का त्वरित प्रसार और समयबद्ध समाधान संभव हो सकेगा, साथ ही विश्वविद्यालय की सभी प्रमुख सूचनाएं सीधे विद्यार्थियों की बीएचयू डोमेन ई-मेल पर भेजी जाएंगी।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को अब विभागाध्यक्ष, संकाय प्रमुख या परीक्षा नियंता कार्यालय में भौतिक रूप से उपस्थित हुए बिना ही अपने कार्यों का समाधान प्राप्त करने की सुविधा भी मिल सकेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस पहल को विद्यार्थियों को शिक्षकों, विभागों और विश्वविद्यालय से और अधिक निकटता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है तथा कहा कि विद्यार्थियों के लिए संस्थागत नीतियों और सूचनाओं के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है, वहीं संकाय के लिए भी विद्यार्थियों की समस्याओं की बेहतर समझ जरूरी है।





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