जम्मू-कश्मीर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद आम जनजीवन पर सीधा असर दिखने लगा है, जिससे सबसे अधिक चिंता किसानों के बीच बढ़ गई है जो खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
डीजल महंगा होने से कृषि कार्यों की लागत तेजी से बढ़ गई है, जिसमें ट्रैक्टर संचालन, खेतों की जुताई, सिंचाई व्यवस्था और फसलों की ढुलाई जैसे कार्यों पर पहले से अधिक खर्च आने लगा है। पहले से मौसम की मार झेल रहे किसान अब महंगाई की अतिरिक्त मार से परेशान हैं।
किसानों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो खेती करना कठिन हो जाएगा, जिसका सीधा असर अनाज, सब्जियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा।
वर्तमान स्थिति में किसानों की निगाहें सरकार की ओर टिकी हुई हैं कि उन्हें राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं और ईंधन की बढ़ती कीमतों से किस प्रकार राहत मिल सकती है।
इधर आम उपभोक्ता भी इस बढ़ोतरी से चिंतित हैं क्योंकि वाहन किराए से लेकर खाद्य सामग्री तक सभी चीजों के दाम बढ़ने की आशंका है, जिससे सीधे तौर पर आम लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।














