सूरत, 08 मई।
वराछा क्षेत्र स्थित भारतीय स्टेट बैंक में 50 लाख रुपये की लूट के मामले में हथियार बरामदगी के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जिसमें मुख्य आरोपित ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपित के दोनों पैरों में गोली लग गई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्राइम ब्रांच की टीम सात दिन की पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपित शुभम और उसके साथी विकास को लेकर सूरत ग्रामीण के कन्यासी गांव पहुंची थी। यहां लूट में इस्तेमाल हथियार और मोबाइल की बरामदगी तथा घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपित ने बताया था कि उसने खेत के पास नाले के समीप पिस्तौल और मोबाइल छिपाए हैं। इसी आधार पर जब पुलिस बरामदगी की कार्रवाई कर रही थी, तभी अचानक आरोपित ने एक पुलिसकर्मी से पिस्तौल छीन ली और टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपित के दोनों पैरों में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मामले की गहन जांच जारी है।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल 2026 को वराछा स्थित भारतीय स्टेट बैंक में 50 लाख रुपये की लूट हुई थी। जांच में सामने आया है कि इस वारदात का मास्टरमाइंड बिहार की बेउर केंद्रीय जेल में बंद कुख्यात अपराधी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत है।
पुलिस के अनुसार कुंदन जेल में रहते हुए एक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से अपने गिरोह को निर्देश दे रहा था। वह इससे पहले देहरादून में हुई 12 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट की वारदात में भी शामिल रह चुका है। सूरत पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपितों ने नगर निगम चुनाव के दौरान वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस बल चुनावी ड्यूटी में व्यस्त रहे और उन्हें फरार होने का मौका मिल सके।



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