फर्रुखाबाद, 6 मई।
फर्रुखाबाद के थाना कादरी गेट क्षेत्र के पांचाल घाट इलाके में अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापा मारकर लगभग पच्चीस लाख रुपये मूल्य की बड़ी मात्रा में नकली कीटनाशक दवाएं बरामद की हैं। यह कार्रवाई कन्नौज के एक कीटनाशक विक्रेता की शिकायत के आधार पर की गई। बरामद माल को सुरक्षित सरकारी गोदाम में रखवा दिया गया है और संबंधित एजेंसी संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच में यह मामला नकली कीटनाशक के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब कन्नौज के एक विक्रेता के नाम पर यूपीएल कंपनी के ‘इलेक्ट्रॉन इंसेक्टीसाइड प्लस फंगीसाइड’ का पच्चीस लाख रुपये का बिल तैयार कर दिया गया, जबकि उस विक्रेता ने न तो कोई ऑर्डर दिया था और न ही किसी प्रकार की खरीद की जानकारी थी। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा संपर्क किए जाने पर यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया।
संदेह उत्पन्न होने पर विक्रेता ने तत्काल कन्नौज के जिला कृषि अधिकारी को सूचना दी। इसके बाद संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी विभागीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई।
कन्नौज के जिला कृषि अधिकारी ने इस फर्जीवाड़े की जानकारी फर्रुखाबाद प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही उप कृषि निदेशक के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें जिला कृषि रक्षा अधिकारी, नायब तहसीलदार, कंपनी प्रतिनिधि और पुलिस चौकी प्रभारी शामिल रहे।
टीम ने पांचाल घाट क्षेत्र के लालू मार्केट के पास स्थित एक आवासीय परिसर में दबिश दी। वहां पेड़ के नीचे तिरपाल से ढके हुए दो सौ बावन गत्ते पाए गए। जांच में पुष्टि हुई कि इनमें रखा गया कीटनाशक पूरी तरह नकली है। बताया गया कि यह सामग्री उसी क्षेत्र में संचालित एक एजेंसी से जुड़ी हुई है, हालांकि छापे के समय कोई भी व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं मिला।
अधिकारियों के अनुसार बरामद खेप में कुल दो सौ बावन गत्तों में दो हजार पांच सौ बीस एक लीटर के डिब्बे शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग पच्चीस लाख रुपये है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह माल दूसरे राज्य से मंगाकर स्थानीय बाजार में सप्लाई के लिए तैयार किया गया था।
सभी बरामद गत्तों को लोडर की मदद से कब्जे में लेकर सरकारी गोदाम में सुरक्षित रखवा दिया गया है। विभाग अब इस पूरे अवैध नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रहा है। संबंधित एजेंसी संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है और उच्च प्रशासनिक अनुमति के बाद उसके विरुद्ध सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।





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