भोपाल, 19 मई ।
मध्य प्रदेश के चर्चित 2019 हनीट्रैप मामले से जुड़ी कथित मास्टरमाइंड श्वेता जैन को इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें भोपाल के मीनाल रेजिडेंसी से हिरासत में लिया, जहां से उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए इंदौर लाया गया।
आरोप है कि श्वेता जैन एक शराब और प्रॉपर्टी कारोबारी से एक करोड़ रुपये की ब्लैकमेलिंग की साजिश में शामिल थीं। यह शिकायत इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र निवासी कारोबारी द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार कारोबारी को पहले एक महिला से मुलाकात कराई गई और फिर प्रॉपर्टी डील के बहाने दबाव बनाने की कोशिश की गई। आरोप है कि इस दौरान निजी फोटो और वीडियो हासिल कर उन्हें वायरल करने की धमकी दी गई और एक करोड़ रुपये की मांग की गई, साथ ही मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
जांच के दौरान इंदौर क्राइम ब्रांच ने विशेष टीम बनाकर कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसके बाद इस मामले में अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप और एक प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में इंटेलिजेंस ब्रांच के एक प्रधान आरक्षक की संलिप्तता पाई गई, जिस पर चैटिंग और डेटा साझा करने के माध्यम से गैंग की मदद करने का आरोप है। उसे भी गिरफ्तार कर मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए कारोबारियों को निशाना बना रहा था और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि श्वेता जैन 2019 के हनीट्रैप मामले में भी मुख्य आरोपी रही हैं, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल करने के आरोप सामने आए थे। उस समय भी मामला व्यापक चर्चा में रहा था।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।








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