नई दिल्ली, 22 मई।
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में आरोपी खालिद सैफी और तसलीम अहमद की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
सुनवाई के दौरान तसलीम अहमद की ओर से पक्ष रखते हुए वकील ने दलील दी कि कथित बड़ी साजिश में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका अर्थ यह निकलता है कि आप गुलफिशा फातिमा से जुड़े निर्णय को लागू करने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
इसके जवाब में तसलीम अहमद की ओर से यह कहा गया कि उन्होंने ट्रायल में तेजी लाने का प्रयास किया था और अब उन्हें उमर खालिद के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की ओर से कहा गया कि अंतरिम जमानत दी जा सकती है और आरोपी को उमर खालिद की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
खालिद सैफी की जमानत याचिका इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी और वह यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के संस्थापक बताए जाते हैं।
विशेष शाखा द्वारा दर्ज इस मामले में उमर खालिद, इशरत जहां, सफूरा जरगर, गुलफिशा फातिमा, नताशा नरवाल, देवांगन कलीता और ताहिर हुसैन सहित कई लोगों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे, जिनमें कई की जान गई और कई घायल हुए थे।






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