रांची, 22 मई।
डीएवी कपिलदेव स्कूल की नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़खानी और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में रांची सिविल कोर्ट ने स्कूल के तत्कालीन प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है तथा उन पर दस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
अपर न्यायाधीश की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद पहले ही उन्हें दोषी करार दे दिया था और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था, जिसके बाद अब सजा का ऐलान किया गया है।
पीड़िता की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत में पक्ष रखते हुए मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया था।
घटना मई 2022 की है, जब स्कूल की एक महिला नर्स ने तत्कालीन प्राचार्य पर यौन उत्पीड़न और अनुचित मांग करने के गंभीर आरोप लगाते हुए अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
बाद में नवंबर 2022 में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, लेकिन पीड़िता ने आरोप लगाया कि जेल से बाहर आने के बाद धमकी और दबाव बनाने का प्रयास किया गया, जिसके बाद जमानत रद्द करने की मांग की गई और अदालत ने उसे स्वीकार कर लिया।
इसके बाद मामले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली और अंततः उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें पुनः न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच एजेंसी ने मामले की विस्तृत जांच पूरी कर जुलाई 2022 में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था और अब अदालत के फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।





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