नई दिल्ली, 23 मई।
एशियाई उत्पादकता संगठन (एपीओ) के सर्वोच्च नीति-निर्धारक निकाय की 68वीं बैठक का आयोजन राजधानी के भारत मंडपम में किया गया, जो तीन दिनों के विचार-विमर्श के पश्चात सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन का मुख्य केंद्र एपीओ का 'विजन 2030' रोडमैप और संस्थागत कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना रहा। इस दौरान उत्पादकता वृद्धि और क्षेत्रीय सहयोग को सशक्त बनाने के विभिन्न रणनीतिक पहलुओं पर गहन वार्ताएं की गईं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम की मेजबानी का दायित्व राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) ने भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के मार्गदर्शन में निभाया। बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति-निर्माता और उत्पादकता के विशेषज्ञ सम्मिलित हुए। इन तीन दिनों में उत्पादकता को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत मंथन किया गया।
इस आयोजन की सफल मेजबानी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादकता को नई दिशा देने, क्षेत्रीय साझेदारी को सुदृढ़ करने और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास की गति को तेज करने के प्रति भारत की निष्ठा को एक बार फिर प्रदर्शित किया है। यह उच्च-स्तरीय सत्र न केवल वर्तमान चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित रहा, बल्कि भविष्य के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने में भी निर्णायक सिद्ध हुआ है।






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