नई दिल्ली, 08 जुलाई।
देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में नई पहल की है। कंपनी ने हरियाणा स्थित अपने खरखौदा उत्पादन संयंत्र में 1 मेगावाट आवर क्षमता वाला बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम शुरू किया है। इसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग के साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।
कंपनी के अनुसार, यह बैटरी सिस्टम शुरुआती चरण में संयंत्र की आंतरिक बिजली व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे प्लांट में तैयार होने वाली सौर ऊर्जा का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
मारुति सुजुकी ने वर्ष 2025 में खरखौदा संयंत्र में 20 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की थी। हालांकि, अवकाश और कम बिजली खपत वाले समय में पूरी सौर ऊर्जा का उपयोग नहीं हो पाता था।
नया बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम अतिरिक्त बिजली को संग्रहित करेगा और जरूरत के समय उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे संयंत्र की बिजली व्यवस्था को अधिक संतुलित और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी भारत में आत्मनिर्भर हरित ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि खरखौदा संयंत्र में शुरू किया गया यह सिस्टम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कंपनी के मुताबिक, करीब 15 वर्ष की अवधि वाले इस बैटरी सिस्टम से हर साल लगभग 54 टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में सहायता मिलेगी। कंपनी ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण प्रक्रिया से होने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
मारुति सुजुकी का यह कदम उसकी मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पर्यावरण लक्ष्यों के अनुरूप है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 तक कार्बन उत्सर्जन में 42 प्रतिशत कमी लाना है।
इससे पहले जुलाई में कंपनी ने हरियाणा के खरखौदा में अपने आधुनिक वाहन निर्माण संयंत्र की शुरुआत की थी। करीब 800 एकड़ क्षेत्र में फैला यह परिसर पूरी तरह तैयार होने के बाद दुनिया के बड़े वाहन निर्माण केंद्रों में शामिल होने की क्षमता रखता है।
















