भोपाल, 01 जून ।
भोपाल, 01 जून । प्रदेश में लू-तापघात, आकाशीय बिजली और सर्पदंश जैसी मौसमी एवं प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं गृह विभाग द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है तथा संचार माध्यमों के जरिए नागरिकों को सुरक्षा संबंधी परामर्श जारी किए जा रहे हैं।
प्राधिकरण की सचिव (गृह) एवं समन्वयक कृष्णावेणी देशावतु ने सोमवार को बताया कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक समय पर सुरक्षा संदेश पहुंचाकर लोगों को जोखिमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित और उचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बढ़ता तापमान लू-तापघात का कारण बन सकता है, जिससे बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा पहले से बीमार व्यक्तियों को अधिक खतरा रहता है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में जल सेवन, धूप में अनावश्यक बाहर न निकलने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी जा रही है।
आकाशीय बिजली की घटनाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि मौसम में अचानक बदलाव, तेज गर्जना और बिजली चमक को गंभीर संकेत मानते हुए खुले मैदानों, खेतों, जलाशयों, ऊंचे पेड़ों और विद्युत खंभों से दूर रहना चाहिए तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी चाहिए। इसके लिए “दामिनी” मोबाइल ऐप के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों और पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
वर्षा काल में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने, झाड़ियों और कबाड़ को हटाने, जूते एवं कपड़ों की जांच करने तथा खेतों और जल स्रोतों के पास सावधानी बरतने की अपील की गई है। सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने तथा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या झाड़-फूंक से बचने की सलाह दी गई है।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त करें, क्योंकि समय पर सतर्कता और जागरूकता से जनहानि और दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।




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