झांसी, 01 जून ।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल साधना करने वाला ही नहीं, बल्कि लोककल्याण, शांति और समाज की सुरक्षा के लिए कार्य करने वाला व्यक्ति भी साधु की श्रेणी में आता है।
झांसी रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और ऐसे तत्वों के लिए किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कदम आवश्यक हैं।
उन्होंने आगे कहा कि साधु की परिभाषा केवल तप और साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए कार्य करने वाला भी साधु कहलाता है। यह टिप्पणी उन्होंने शंकराचार्य के उस बयान के जवाब में दी, जिसमें बुलडोजर चलाने वाले को साधु मानने से इनकार किया गया था।
गाजियाबाद में हुए सूर्या हत्याकांड पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि समाज में एकता का अभाव ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है। उन्होंने आरोपियों की निंदा करते हुए कहा कि उनमें न तो करुणा है और न ही मानवता।
शास्त्री ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि एकजुट समाज किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना करने में सक्षम होगा।
बद्रीनाथ धाम यात्रा के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रही और उन्होंने वहां गहन अनुभव प्राप्त किए।











