बठिंडा, 2 जून ।
एम्स बठिंडा के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार एक स्वस्थ भारत का निर्माण है।
उन्होंने स्नातक छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनके पेशेवर जीवन की शुरुआत को महत्वपूर्ण क्षण बताया और संस्थान की तेजी से हुई प्रगति की सराहना की।
नड्डा ने कहा कि एम्स बठिंडा न केवल उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं दे रहा है, बल्कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने संस्थान द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे स्वास्थ्य शिविरों, टेलीमेडिसिन सेवाओं और जागरूकता अभियानों की भी सराहना की, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बना रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली अब केवल उपचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह निवारक, पुनर्वास और व्यापक देखभाल की दिशा में विकसित हो रही है।
उन्होंने देशभर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार और बड़े स्तर पर चल रही स्वास्थ्य जांच योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग से रोगों की समय रहते पहचान संभव हो रही है।
नड्डा ने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी ही स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक ताकत हैं, क्योंकि वे ही पूरे ढांचे को जीवंत बनाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में मेडिकल कॉलेजों, एम्स संस्थानों और चिकित्सा सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जिससे देश की स्वास्थ्य शिक्षा प्रणाली मजबूत हुई है।
उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में पोलियो उन्मूलन और अन्य बीमारियों के नियंत्रण जैसी उपलब्धियों को भारत की बड़ी सफलता बताया।











