भोपाल, 3 जून ।
भोपाल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वेतन व्यवस्था से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है, जहां 14 कर्मचारियों को नियमों के विपरीत पात्रता से अधिक वेतन और वित्तीय लाभ दिए जाने के आरोप सामने आए हैं।
इस मामले में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है और अग्रणी जिला प्रबंधक को विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी सी एस उदयशंकर द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बैंक के 14 कर्मचारियों को निर्धारित नियमों से अधिक वेतन और अन्य वित्तीय लाभ दिए गए, जिससे संस्था को आर्थिक नुकसान होने की बात कही गई है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बैंक प्रबंधन के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, क्योंकि नियमों के विपरीत भुगतान की अनुमति देने का संदेह जताया गया है।
जानकारी के अनुसार यह शिकायत पहले बैंक प्रबंधन, सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त और उपायुक्त स्तर पर भी की गई थी, जिसके बाद 27 जनवरी को सहकारिता विभाग ने बैंक से प्रतिवेदन मांगा था, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
इसके बाद मामला कलेक्टर स्तर तक पहुंचा, जहां अब गंभीरता से जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। शिकायत में अंजनी कुमार श्रीवास्तव सहित 14 कर्मचारियों को अतिरिक्त वेतन दिए जाने का उल्लेख किया गया है और वेतन पुनरीक्षण के साथ-साथ अतिरिक्त भुगतान की वसूली की मांग की गई है।
अब सभी की नजर अग्रणी जिला प्रबंधक की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और कथित आर्थिक नुकसान की भरपाई तथा जिम्मेदारी तय करने को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।











