रायपुर, 03 जून ।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के विभिन्न शहरों में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव सहित करीब एक दर्जन स्थान जांच के दायरे में आए हैं।
सूत्रों के अनुसार मामले में आर्थिक पहलुओं की पड़ताल के लिए ईडी की टीमों ने सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर जांच शुरू कर दी। इस प्रकरण की जांच पहले से ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। इसके अलावा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के भिलाई स्थित आवास पर भी ईडी की टीम ने पड़ताल की। जेके ध्रुव इस मामले में आरोपित हैं और वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
जांच एजेंसी ने राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के भिलाई स्थित निवास को भी जांच के दायरे में लिया। वहीं राजनांदगांव में तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के घर पर भी छापेमारी की गई। गणवीर भी इस प्रकरण में पहले से आरोपित बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों की टीम विभिन्न दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि कई डिजिटल उपकरणों और अभिलेखों को भी खंगाला जा रहा है।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं में नियमों और योग्यता की अनदेखी कर कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। इसी सिलसिले में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और धन के प्रवाह की जांच की जा रही है।
ईडी की कार्रवाई के बाद भर्ती घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। एजेंसी मामले से जुड़े आर्थिक पहलुओं और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच कर रही है।











