भोपाल, 10 अप्रैल 2026।
भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की सद्भावना दूत कृति सेनन ने सामाजिक कुरीतियों से प्रभावित महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्हें स्वयं को “जीवित बची नहीं, बल्कि संघर्ष करने वाली योद्धा” के रूप में देखने की प्रेरणा दी।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष और पुलिस विभाग के संयुक्त आयोजन में समुदाय आधारित पुलिसिंग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया, जिसमें कृति सेनन ने भी सहभागिता की।
इस दौरान उन्होंने ‘झगड़ा’ और ‘नाता’ जैसी सामाजिक कुप्रथाओं से प्रभावित महिलाओं से मुलाकात की और एक ऐसी महिला से भी संवाद किया, जिसकी बचपन में ही तीन बार शादी कर दी गई थी। उनकी आपबीती सुनकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसी महिलाओं को सम्मान के साथ “योद्धा” कहा जाना चाहिए।

कृति सेनन ने मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण ले रही बालिकाओं से भी मुलाकात की और उनसे प्रदर्शन करने का आग्रह किया, जिसके बाद उन्होंने स्वयं भी उनके साथ अभ्यास की कुछ गतिविधियों में भाग लिया।
इसके अलावा उन्होंने ‘शक्ति कैफे’ का भी दौरा किया, जिसे पीड़ित महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है, और महिला पुलिस थाने का निरीक्षण कर वहां तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की।





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