नई दिल्ली, 6 मई।
राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान दोनों देशों के वित्त मंत्रियों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, बदलते भू-राजनीतिक हालात और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में वियतनाम के वित्त मंत्री न्गो वान तुआन से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच 10 वर्षों से जारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वैश्विक आर्थिक स्थिति और मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों पर विचार साझा किए तथा आर्थिक स्थिरता और मजबूती बढ़ाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा की। वियतनाम ने विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा और औषधि क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वियतनाम की मजबूत आर्थिक नीतियों और सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि इनके कारण वियतनाम की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और वह वैश्विक मूल्य श्रृंखला से बेहतर तरीके से जुड़ रहा है।
वहीं वियतनाम के वित्त मंत्री ने भारत की आर्थिक नीतियों की प्रशंसा करते हुए विशेष रूप से कर सुधार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और सार्वजनिक निवेश के माध्यम से आर्थिक वृद्धि मॉडल को समझने में रुचि दिखाई। बैठक में भारत की ओर से एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।
इन योजनाओं में कर सुधार, ब्याज सब्सिडी, सरकारी खरीद नीतियां और कार्यबल के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कौशल विकास जैसी पहल शामिल हैं। साथ ही, कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अपनाए गए फेसलेस मूल्यांकन और तकनीक आधारित प्रणाली का भी उल्लेख किया गया।
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री गति शक्ति प्लेटफॉर्म की भी जानकारी दी, जो बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक आधुनिक तकनीक आधारित प्रणाली है। इस मॉडल में वियतनाम ने विशेष रुचि दिखाई।
बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने रक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में वियतनाम यात्रा को भी स्मरण किया और दोनों देशों के बीच मजबूत एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित किया। अंत में दोनों पक्षों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।









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