सतना, 07 मई।
सतना जिले से एक अनोखी और चर्चा में आई प्रेम कहानी सामने आई है, जिसमें केंद्रीय जेल में पदस्थ एक महिला सहायक जेल अधीक्षक ने पूर्व कैदी के साथ विवाह कर नया जीवन शुरू किया है। यह मामला जेल विभाग से लेकर आम लोगों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार रीवा निवासी फिरोजा खातून सतना केंद्रीय जेल में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात छतरपुर जिले के चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह से हुई थी, जो उस समय जेल में बंद था और वारंट से जुड़े कार्यों में सहायता करता था। इसी दौरान फिरोजा खातून वारंट इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
जेल परिसर में साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा और धीरे-धीरे यह संबंध दोस्ती से आगे बढ़कर प्रेम में बदल गया। समय के साथ दोनों ने सामाजिक और पारिवारिक सीमाओं से आगे बढ़कर साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया।
बताया गया है कि धर्मेंद्र सिंह वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसने लगभग 14 वर्ष जेल में बिताए और अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा कर दिया गया था। पिछले चार वर्षों से वह जेल से बाहर जीवन व्यतीत कर रहा था। इसी दौरान दोनों ने विवाह का निर्णय लिया और 5 मई को छतरपुर जिले के लवकुशनगर में वैदिक मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर विवाह किया।
इस विवाह की जानकारी सामने आने के बाद जेल विभाग में भी चर्चा का माहौल बन गया है। सहकर्मियों और अधिकारियों ने नवविवाहित दंपती को शुभकामनाएं दी हैं। वहीं, इस अनोखी शादी को लोग प्रेम, विश्वास और मानवीय संबंधों की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।












.jpg)