भोपाल, 08 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में तेजी देखने को मिल रही है। प्रदेश सरकार पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर खेत तालाब, अमृत सरोवर, रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सूखे कुँओं को नया जीवन देने का कार्य कर रही है। इस अभियान की निगरानी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा लगातार की जा रही है।
जनसंपर्क अधिकारी आर.आर. पटेल ने जानकारी दी कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 2 लाख 44 हजार से अधिक कार्यों को अंजाम दे रहा है, जिनकी कुल लागत 6242 करोड़ रुपये है। इस वर्ष अभियान में पिछले कार्यों की पूर्णता पर विशेष ध्यान दिया गया है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि अभियान में जल गंगा संवर्धन अभियान: 2025 के अधूरे कार्यों और महात्मा गांधी नरेगा योजना से जुड़े जल संबंधित कार्यों को पूरा करना लक्ष्य है।
अभियान की प्रगति भी तेज रही है। 19 मार्च से तीसरे चरण की शुरुआत के केवल 20 दिन में 84 हजार से अधिक कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जिनमें अधिकांश पिछले वर्ष अधूरे रह गए थे।
जल गंगा संवर्धन अभियान में खंडवा, उज्जैन, खरगोन, डिंडौरी और बालाघाट जिले इस समय टॉप 5 में शामिल हैं। इस अभियान से प्रदेश में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।









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