जबलपुर, 08 अप्रैल 2026।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों से जुड़े फीस घोटाला और डुप्लीकेट किताबों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्कूल संचालकों, प्राचार्यों और बुकसेलर्स की एफआईआर रद्द करने की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि जांच में जुटाए गए साक्ष्यों की वैधता का निर्णय ट्रायल कोर्ट करेगा और इस स्तर पर एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने माना कि जब्त दस्तावेज, रिकॉर्ड और गवाहों के बयान आपराधिक साजिश और अवैध आर्थिक लाभ की ओर संकेत करते हैं।
जिला प्रशासन की जांच में सामने आया कि कई निजी स्कूलों ने फीस में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की और छात्रों को केवल चयनित दुकानों से किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया। इसके अलावा कुछ किताबों पर संदिग्ध ISBN नंबर भी पाए गए।
हाईकोर्ट ने जबलपुर एसपी को निर्देश दिए हैं कि लंबित जांच जल्द पूरी कर ट्रायल कोर्ट में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि इस मामले में समयबद्ध कार्रवाई हो सके।








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