जम्मू-कश्मीर में भू-माफियाओं द्वारा सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जहां 17 लाख कनाल से अधिक भूमि अतिक्रमित पाई गई है। इसमें सबसे अधिक दबदबा जम्मू संभाग का रहा है, जहां अकेले 14 लाख कनाल से अधिक भूमि पर कब्जा दर्ज किया गया है, जो कश्मीर संभाग की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि राजौरी जिला इस पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण के मामले में सबसे आगे है।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश में कुल 17,27,247 कनाल अतिक्रमित भूमि से संबंधित दस्तावेज राजस्व अभिलेखों से हटाए गए हैं। इनमें जम्मू संभाग में 14,00,051 कनाल और पांच मरला भूमि दर्ज है, जबकि कश्मीर संभाग में 3,27,199 कनाल भूमि के रिकॉर्ड हटाए गए हैं। इन आंकड़ों से दोनों संभागों के बीच भारी अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
जम्मू संभाग के सातों जिलों में प्रत्येक में एक लाख कनाल से अधिक भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है, वहीं राजौरी और रियासी में यह आंकड़ा दो लाख कनाल से भी अधिक है। इसके विपरीत कश्मीर संभाग के दस जिलों में से किसी में भी एक लाख कनाल से अधिक अतिक्रमण दर्ज नहीं किया गया है।
आंकड़ों के अनुसार घाटी में केवल बारामूला और कुपवाड़ा में ही पचास हजार कनाल से अधिक भूमि अतिक्रमित पाई गई है। वहीं दोनों राजधानी जिलों में भी बड़ा अंतर देखने को मिला है, जहां जम्मू में 1,45,487 कनाल और छह मरला भूमि पर अतिक्रमण दर्ज हुआ है, वहीं श्रीनगर में यह आंकड़ा 13,862.95 कनाल है।
जिलेवार स्थिति में राजौरी जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है, जहां 2,73,848 कनाल और बारह मरला भूमि पर अवैध कब्जा दर्ज किया गया है। इसके बाद रियासी में 2,26,857 कनाल और छह मरला तथा रामबन में 1,73,832 कनाल भूमि अतिक्रमित पाई गई है।
जम्मू जिले में 1,45,487 कनाल और छह मरला, कठुआ में 1,30,403 कनाल और एक दशमलव पांच मरला, उधमपुर में 1,19,822 कनाल और आठ मरला तथा पुंछ में 1,11,133 कनाल और सोलह मरला भूमि पर कब्जा पाया गया है। डोडा में 91,957 कनाल और पांच मरला तथा सांबा में 74,196 कनाल और तीन मरला भूमि अतिक्रमित पाई गई है। किश्तवाड़ में 52,513 कनाल और साढ़े सात मरला भूमि दर्ज की गई है।
कश्मीर संभाग में बारामूला में 81,327.65 कनाल भूमि हटाई गई है, इसके बाद कुपवाड़ा में 52,698.1 कनाल और पुलवामा में 42,730.8 कनाल भूमि दर्ज है। अनंतनाग में 36,984 कनाल, बडगाम में 21,775.55 कनाल, बांदीपोरा में 20,925.65 कनाल भूमि अतिक्रमित पाई गई है।
इसके अलावा शोपियां में 19,034.85 कनाल, गांदरबल में 19,005.2 कनाल, कुलगाम में 18,853.75 कनाल तथा श्रीनगर में 13,862.95 कनाल भूमि पर अतिक्रमण का रिकॉर्ड दर्ज है। इन सभी जिलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों की पहचान कर रिकॉर्ड से नाम हटाए गए हैं, और संबंधित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है।







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