नई दिल्ली 09 मई।
देश में नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच प्रदान करने वाली तीन प्रमुख योजनाओं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से अब तक करोड़ों लोगों को बीमा और पेंशन सुरक्षा के दायरे में जोड़ा गया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को कम लागत पर वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना रहा है। इनकी शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी और तब से ये योजनाएं देशभर में व्यापक स्तर पर लागू हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लगभग 58 करोड़ नामांकन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 27 करोड़ से अधिक नामांकन तथा अटल पेंशन योजना में 9 करोड़ से अधिक नामांकन दर्ज किए जा चुके हैं। इन योजनाओं के जरिए जीवन बीमा, दुर्घटना कवरेज और वृद्धावस्था पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इन योजनाओं की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कम लागत पर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं ने देश में बीमा और पेंशन के दायरे को व्यापक स्तर पर बढ़ाया है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 10.7 लाख से अधिक परिवारों को 21 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 1.84 लाख से अधिक परिवारों को लगभग 3,660 करोड़ रुपये का लाभ मिला है।
इस अवसर पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य गरीब और कमजोर वर्गों को बीमा एवं पेंशन सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि नामांकन और दावा प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन जन सुरक्षा पोर्टल की शुरुआत से नागरिकों को बैंक या डाकघर गए बिना ही पंजीकरण की सुविधा मिल रही है। डिजिटल प्रणाली के कारण दावों का निपटारा तेजी से हो रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध हो पा रही है।




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