29 अप्रैल
जयपुर के खातीपुरा स्टेशन को मेगा सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी
राजस्थान की राजधानी जयपुर में रेलवे ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है, जिसके तहत उपनगरीय क्षेत्र स्थित खातीपुरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर मेगा टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्टेशन भविष्य में जयपुर जंक्शन का विकल्प बनकर ट्रेनों के बढ़ते संचालन भार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, खातीपुरा स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं और उन्नत तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां ट्रेनों के रखरखाव, धुलाई और निरीक्षण के लिए व्यापक स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। लगभग 205 करोड़ रुपये की लागत से कोच केयर कॉम्पलेक्स का निर्माण प्रगति पर है, जिसमें स्वचालित कोच धुलाई संयंत्र, कंप्यूटरीकृत व्हील प्रोफाइल प्रबंधन प्रणाली, कोच लिफ्टिंग यूनिट और उच्च क्षमता वाले क्रेन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
स्टेशन पर वर्तमान में छह उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म और आठ रेल लाइनें उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ट्रेनों का संचालन भी सुचारू रहेगा। इसके साथ ही ट्रेनों के रखरखाव, शंटिंग और स्टेबलिंग के लिए अलग-अलग लाइनें विकसित की जा रही हैं। जयपुर और दौसा दोनों दिशाओं में अतिरिक्त रेल लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
परियोजना के तहत दो मंजिला लिनन मेंटेनेंस भवन, तीन मंजिला प्रशासनिक भवन और यार्ड मास्टर कार्यालय का निर्माण भी किया जा रहा है। साथ ही व्हील लेथ शेड, चार्जिंग सुविधाएं और पानी भरने के लिए विशेष व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
रेल मंत्रालय का कहना है कि खातीपुरा को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित करने से दिल्ली कॉरिडोर सहित लंबी दूरी के नए मार्गों पर ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी। यह स्टेशन विभिन्न प्रकार के रेक के केंद्रीकृत रखरखाव का प्रमुख केंद्र बनेगा। इसके विकसित होने के बाद जयपुर जंक्शन पर दबाव कम होगा और शहर को एक आधुनिक वैकल्पिक रेलवे टर्मिनल की सुविधा प्राप्त होगी।









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