लखनऊ, 25 अप्रैल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। शनिवार को योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा भारतीय राजनीति के प्रमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक रहे हैं। उनका जन्म 25 अप्रैल 1919 को पौड़ी गढ़वाल (वर्तमान उत्तराखंड) में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए प्रयागराज आए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 1942 से 1946 तक बहुगुणा ने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। वे प्रयागराज विश्वविद्यालय में छात्र नेता के रूप में भी सक्रिय रहे और स्वतंत्रता संग्राम में लगातार भागीदारी निभाते रहे।
1952 में वे पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए और इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया। प्रदेश के विभिन्न विभागों में रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक और विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में भी उत्तर प्रदेश की सेवा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा का विकास संबंधी दृष्टिकोण आज भी प्रासंगिक है और उनके विचारों का प्रभाव वर्तमान नीतियों में देखा जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार में भी विभिन्न मंत्रालयों में कार्य करते हुए देश सेवा की।
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।










