भोपाल, 14 मई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में नई दिशा की ओर बढ़ रहा है। प्रदेशभर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और नए जल स्रोतों के निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभियान के जरिए लुप्त होती जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के साथ वर्षा जल संचयन क्षमता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 1 लाख 77 हजार 121 जल संरक्षण कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिसे ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मनरेगा के सहयोग से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत प्रदेश में कुल 2 लाख 42 हजार 188 कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है। इन कार्यों के लिए 6 हजार 201.81 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। अब तक 4 हजार 443.85 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। योजना का उद्देश्य गांव और खेतों में पानी रोककर मानसून के दौरान वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण करना है।
अभियान के अंतर्गत सभी कार्यों की सूक्ष्म स्तर पर निगरानी की जा रही है। सूखे कुओं के पुनर्भरण में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 88 हजार 123 से अधिक कुओं का रिचार्ज कार्य पूरा किया है। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में सिंचाई और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए 53 हजार 568 खेत तालाब तैयार किए गए हैं। जल संरक्षण से जुड़े अन्य 27 हजार 332 कार्य भी पूरे हो चुके हैं। इसके साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और स्कूलों में जल टैंकों की सफाई जैसे कार्य भी अभियान में शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की सफलता का श्रेय जनभागीदारी को दिया है। उनका कहना है कि जल संरक्षण केवल संसाधन नहीं, बल्कि समाज के भविष्य और अस्तित्व से जुड़ा विषय है। सरकार का लक्ष्य स्थायी जल संरचनाओं के जरिए भू-जल स्तर को बढ़ाना और पेयजल संकट के समाधान के साथ किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है।
जिलों की ताजा रैंकिंग में खंडवा 7.51 स्कोर के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। जिले में 9 हजार 131 कार्य शुरू किए गए, जिनमें से 2 हजार 944 कार्य पूरे हो चुके हैं और 5 हजार 400 कार्यों की भौतिक पूर्णता सुनिश्चित की गई है। दूसरे स्थान पर खरगोन, तीसरे पर बड़वानी, चौथे पर उज्जैन और पांचवें स्थान पर राजगढ़ जिला शामिल है।
अभियान के तहत अब तक कुल 2 लाख 42 हजार 188 कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें 1 लाख 77 हजार 121 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 6 हजार 201.81 करोड़ रुपये के स्वीकृत बजट में से बड़ी राशि खर्च की जा चुकी है। खेत तालाब निर्माण और डग वेल रिचार्ज जैसे कार्यों में प्रदेश को उल्लेखनीय सफलता मिली है।








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