नई दिल्ली, 10 अप्रैल।
उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के पत्रकार महेश लांगा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नियमित जमानत प्रदान कर दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील को स्वीकार किया कि जमानत आदेश में की गई टिप्पणियों का ट्रायल प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने पहले 15 दिसंबर 2025 को महेश लांगा को अंतरिम जमानत दी थी और साथ ही ट्रायल कोर्ट को मामले की रोजाना सुनवाई करने का निर्देश दिया था।
शीर्ष अदालत ने महेश लांगा को यह भी निर्देश दिया था कि वे सुनवाई के दौरान किसी भी प्रकार की स्थगन याचिका दायर न करें और अपने खिलाफ लंबित मामले पर कोई लेख प्रकाशित न करें। इससे पहले गुजरात उच्च न्यायालय ने 31 जुलाई 2025 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, यह कहते हुए कि जमानत मिलने से अभियोजन पक्ष पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
महेश लांगा को वर्ष 2024 में जीएसटी से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया गया।


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