केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने भारतीय डाक विभाग के एपीटी 2.0 डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा करते हुए कहा कि यह प्रणाली अब आधुनिक लॉजिस्टिक्स और सेवा व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। इसके माध्यम से शाखा कार्यालयों को वास्तविक समय की जानकारी मिल रही है, जिससे स्थानीय मांग का विश्लेषण, प्रदर्शन की निगरानी और त्वरित व डेटा आधारित निर्णय लेना संभव हो रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण से डाक विभाग बड़े पैमाने पर परिचालन डेटा का विश्लेषण करने, परिणामों का पूर्वानुमान लगाने, नियमित प्रक्रियाओं के स्वचालन और सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने में सक्षम हुआ है। इसके चलते सेवा गति में सुधार, मानवीय हस्तक्षेप में कमी, निर्णय प्रक्रिया में मजबूती और ग्राहक संतुष्टि में वृद्धि दर्ज की गई है।
डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि एपीटी 2.0 का प्रभाव व्यावसायिक स्तर पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ग्राहकों तक बेहतर पहुंच, शाखा स्तर पर सेवाओं के उपयोग में सुधार और समय पर डेटा आधारित संपर्क के माध्यम से नए राजस्व अवसरों का विस्तार हो रहा है। यह बदलाव डाक विभाग को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स की रीढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार इसके क्रियान्वयन पर जमीनी स्तर से निगरानी कर रही है, जिससे विभाग में पारंपरिक व्यवस्था से तकनीक आधारित आधुनिक कार्यसंस्कृति की ओर बदलाव हो रहा है। डिजिटल प्रणाली के उपयोग से डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को भी मजबूती मिली है, जिससे विश्वसनीय और भविष्य उन्मुख सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित हो रहा है।








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