भोपाल, 07 मई।
राजधानी भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो स्वयं को एमबीबीएस डॉक्टर बताकर पहचान छिपा रहा था। आरोपी के कब्जे से 500-500 रुपये के कुल 280 नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी अंतरराज्यीय गिरोह और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। तलाशी के दौरान उसके बैग से विभिन्न सीरीज के नकली नोट, एक मोबाइल फोन, एक आईफोन और पेनड्राइव समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद नकली नोट नेपाल और पाकिस्तान में इस्तेमाल होने वाले विशेष कागज पर तैयार किए गए थे, जिससे इस पूरे मामले के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए यूके के +44 अंतरराष्ट्रीय नंबर का उपयोग करता था और इसी नंबर से व्हाट्सएप कॉलिंग करता था, ताकि उसकी लोकेशन और कॉल डिटेल्स ट्रैक न की जा सकें।
आरोपी ने यह भी बताया कि वह 300 रुपये असली लेकर 500 रुपये का नकली नोट देता था और करीब 2 लाख रुपये की नकली करेंसी केवल 60 हजार रुपये में खरीदी थी। पिछले कुछ दिनों में उसने भोपाल के बाजारों में करीब 60 हजार रुपये के नकली नोट भी खपा दिए थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सैफुल इस्लाम, निवासी वीरभूम, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है, जो वर्तमान में भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में रह रहा था। वह वर्ष 2024 से भोपाल में आना-जाना कर इस अवैध गतिविधि में सक्रिय था और जल्द अमीर बनने की चाह में इस अपराध में शामिल हुआ।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर सात दिन की रिमांड पर लिया है। उसके मोबाइल से कई संदिग्ध डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनके आधार पर नकली नोटों के बड़े नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच जारी है।






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