भोपाल, 07 मई।
राजधानी भोपाल में मिलावटी जूस, लस्सी और खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क किनारे और प्रमुख बाजारों में चल रहे जूस सेंटरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण कर कई प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री के नमूने जब्त किए हैं।
यह कार्रवाई जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मानव अधिकार आयोग के संज्ञान के बाद की गई। कलेक्टर के निर्देश पर टीमों ने अशोका गार्डन, एमपी नगर, इंद्रपुरी, पीरगेट, बुधवारा, इब्राहिमपुरा और घोड़ा नक्कास सहित कई क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान विभिन्न जूस सेंटरों और रेस्टोरेंट से मैंगो जूस, लस्सी, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्र किए गए।
जांच के दौरान यह आशंका भी जताई गई कि कुछ दुकानदार जूस और शेक में कृत्रिम रंग, सिंथेटिक एसेंस, थिकनर और अधिक मात्रा में सैकरीन जैसे रसायनों का उपयोग कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे तत्वों का अधिक सेवन किडनी और लीवर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। मिलावट की पुष्टि होने पर लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई संभव है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यधिक सस्ते और चमकीले रंग वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें और किसी भी संदिग्ध सामग्री की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।
वहीं इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जांच केवल छोटे प्रतिष्ठानों तक सीमित रही, जबकि बड़े होटल और नामी आउटलेट्स पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आगे बड़े संस्थानों पर भी समान रूप से सख्ती दिखाई जाएगी या नहीं।







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