हमीरपुर, 07 मई।
कुरारा थाना क्षेत्र में यमुना नदी पर बुधवार शाम बड़ा हादसा हो गया, जब नाव पलटने से उसमें सवार कई लोग नदी में बह गए। इस घटना में महिला और बच्चों समेत कुल दस लोग नाव में सवार थे, जिसमें से तीन लोगों को नाविक ने सुरक्षित बचा लिया, लेकिन एक महिला और पांच बच्चे लापता हो गए।
यह पूरा हादसा भौली ग्राम पंचायत के मजरा कुतुबपुर पटिया गांव में हुआ। गांव निवासी देशराज निषाद की बेटी की शादी 5 मई को संपन्न हुई थी। शादी समारोह के बाद बुधवार शाम रिश्तेदार नाव से यमुना नदी पार कर खेतों में खरबूजा और ककड़ी तोड़ने गए थे। वापसी के समय बीच नदी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
नाव में कुल दस लोग सवार थे, जिनमें महिला और बच्चे शामिल थे। नाविक धीरू ने साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगाकर विष्णु, रिंकू और पारुल को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन आकांक्षा, रानी, अर्चना, ब्रजरानी, लभ्यांश, गोरेलाल और आदित्य नदी में बह गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जल पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से रात तक तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन तेज आंधी और बारिश के कारण रात करीब 11 बजे रेस्क्यू रोकना पड़ा।
गुरुवार सुबह 6 बजे फिर से खोज अभियान शुरू किया गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के लगभग 50 जवानों समेत 100 से अधिक लोग और 10 नावों के जरिए नदी में उतरे। करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद सुबह 9 से 10 बजे के बीच ब्रजरानी, अर्चना और रानी के शव बरामद कर लिए गए, जबकि लभ्यांश, गोरेलाल और आदित्य की तलाश अभी भी जारी है।
घटनास्थल पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरी रात वे नदी किनारे ही डटे रहे। बच्चों की मां अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर लगातार अपने बच्चों को खोजने की गुहार लगाती रहीं।
नाविक धीरू ने बताया कि सभी लोग उनकी बहन की शादी में शामिल होने आए थे और खेतों में खरबूजा खाने गए थे। वापसी के दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि लापता लोगों की तलाश में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







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