ग्वालियर, 07 मई।
ग्वालियर जिले में गर्मी के मौसम के दौरान पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान ने जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही नए नलकूप खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह आदेश 10 जुलाई 2026 तक अथवा पर्याप्त वर्षा होने तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने यह निर्णय लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया है, जिसमें बताया गया कि गर्मी के कारण जल स्रोतों की उपलब्धता लगातार घट रही है और पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
जारी आदेश के अनुसार शासकीय पेयजल स्रोतों जैसे हैंडपंप और नलकूप के 150 मीटर के दायरे में निजी उपयोग के लिए किसी भी प्रकार के नए हैंडपंप या ट्यूबवेल खनन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही जिले की सीमा में बिना सक्षम अनुमति के किसी भी प्रयोजन के लिए नए नलकूप खनन की अनुमति नहीं होगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नदी, नाले, तालाब और अन्य जल स्रोतों के पानी का उपयोग सिंचाई, औद्योगिक या व्यावसायिक कार्यों में बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा। साथ ही यह प्रतिबंध निजी वाहन धुलाई केंद्रों पर भी लागू रहेगा।
हालांकि, लोकहित में पेयजल व्यवस्था के लिए शासकीय विभागों द्वारा किए जाने वाले नलकूप खनन को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। विशेष परिस्थितियों में कार्यपालन यंत्री की अनुशंसा पर संबंधित अधिकारी सीमित अनुमति प्रदान कर सकेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो वर्ष तक का कारावास और जुर्माने का प्रावधान शामिल है।






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