भोपाल, 07 मई।
राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) के पुनर्गठन और मुख्यालय को ग्वालियर से भोपाल स्थानांतरित करने का मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, परिवहन कमिश्नर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता बस ऑपरेटर हरिशंकर सिंह पटेल और देवेंद्र मोहन शर्मा ने राज्य शासन द्वारा 9 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना को नियमों के खिलाफ बताते हुए निरस्त करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य परिवहन प्राधिकरण के पुनर्गठन में सचिव को शामिल करना मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि सचिव की नियुक्ति और प्राधिकरण की संरचना अलग-अलग प्रक्रियाओं के तहत निर्धारित होती हैं, इसलिए दोनों व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ना विधिसम्मत नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव से प्राधिकरण की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
याचिका में मुख्यालय को ग्वालियर से भोपाल स्थानांतरित करने पर भी आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार इससे प्रदेशभर के परिवहन व्यवसायियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।





.jpg)

.jpg)





